सुनो कॉमरेड,
मैं जो तुम्हारे संग पूरे शहर को घूमता था।अब कुछ दूर चलने पर थक जाता हूँ।पता नहीं क्यूं ये थकान मुझे थका देती है।कभी कभी हमारे जीवन में कोई ऐसा शक्स आ जाता है। जो हमारी इम्युनिटी बन हमारी हर तकलीफ से लड़ता है। जिसके साथ ना होने पर हमें हर कोई चारों खाने चित्त कर देता है। जिसे साथ होने पर ये दुनियाँ फूलों सी खुशनुमा और ना होने पर काँटों सा काटती हुई नजर आती है।
वैसे जीवन के हर पड़ाव पर तुम या तुम्हारी यादों ने सदैव मेरा साथ दिया।वैसे साथ सिर्फ साथ होकर नहीं दिया जाता। कभी कभी साथ एहसास कराकर भी दिया जाता है।जब तुम छत पर आसमां में तारे देखते हुए, मुझसे कहती थी कि " हम सदैव साथ रहेंगे" तो मैं तुम्हारा हाथ थाम लेता था और तुम मेरी साँसे........
.... #जलज कुमार
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